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मर्यादा पुरुषोत्तम-राम किशोर पाठक 

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

बुलाते हैं प्यारे, सकल जन राजा भजन में।

अधोगामी सारे, सहज तर जाते शरण में।।

पिता आज्ञा से जो, गहन वन में पाँव धरने।

निभाने मर्यादा, इस भुवन का भार हरने।।

दुलारे माता के, सुमन रघुवंशी भवन में।

बुलाते हैं प्यारे, सकल जन राजा भजन में।।०१।।

त्रिलोकी आएँ है, मनुज तन का सार कहने।

किए कर्मो का तो, सब फल पड़े आप सहने।।

सभी को दी शिक्षा, परम सुख माँ के वचन में।

बुलाते हैं प्यारे, सकल जन राजा भजन में।।०२।।

भजो वाग्मी प्यारे, पल-पल हमारा शुभद हो।

मिटे पीड़ा सारी, सकल सुविधा भी प्रदद हो।।

हमारी हैं श्रद्धा, चरण कमलों के नमन में।

बुलाते हैं प्यारे, सकल जन राजा भजन में।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क- 9835232978

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