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मिथिला हाट – मनु कुमारी

Manu Raman Chetna

Manu Raman Chetna

सीता माय के

पावन जन्मभूमि ,

मधुबनी झंझारपुर ।

ताहि में बनल अछि

 मिथिला हाट ।

गेलों घुमय सपरिवार।

दुई बजे सब ओतय पहुंचलों ।

ओतय देखय छी उमड़ल भीड़ ,

भीड़ कय दुनु बहिन देलों चीर।

तीस चालीस टा लागल कार,

आयल छलखिन मुख्यमंत्री 

नीतीश कुमार।

आधा घंटा करलौं हम सब इंतजार ,

तखन विदा भेल नीतिश कुमार ।

गेलों हम सब फेर मिथिला हाट ,

की कही एकर ठाठ-बाट ।

कला, संस्कृति पर 

नैन दौड़ेलों,

रंग – बिरंगक छवि हम पैयलों।

हस्तशिल्प के बनल समान ,

मिथिला के थिक आन बान शान ।

विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग ,

जे सबहक मन पर छाप छोड़य अछि।

व्यंजन के कि करब बराय?

लागय अछि स्वाद में,

बसल छथिं माय।

एक थारी में पच्चीस प्रकार ,

दाम बताबै एक हजार ।

चुल्हा जांता उखैर समांठ ,

भाषा खोलय अछि मनक गांठ ।

झूला कही की बिना ड्राइवर के रेल,

मिथिलावासी में देखल अद्भुत मेल।

मन में उठल उमंग अपार ,

ताहि लेल कयलौं हम नौका विहार।

सुंदर,सजल हम देखलौं बाग ,

पानी में भेटल करिया नाग।

साफ -सुथरा मिथिला हाट ,

गीत गेलों हम पूरे बाट।

सबहक मन में भरै मिठास ,

तें अछि सबसौं इ भूमि खास।

स्वरचित एवं मौलिक 

मनु कुमारी विशिष्ट शिक्षिका

प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी राघोपुर सुपौल

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