सीता माय के
पावन जन्मभूमि ,
मधुबनी झंझारपुर ।
ताहि में बनल अछि
मिथिला हाट ।
गेलों घुमय सपरिवार।
दुई बजे सब ओतय पहुंचलों ।
ओतय देखय छी उमड़ल भीड़ ,
भीड़ कय दुनु बहिन देलों चीर।
तीस चालीस टा लागल कार,
आयल छलखिन मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार।
आधा घंटा करलौं हम सब इंतजार ,
तखन विदा भेल नीतिश कुमार ।
गेलों हम सब फेर मिथिला हाट ,
की कही एकर ठाठ-बाट ।
कला, संस्कृति पर
नैन दौड़ेलों,
रंग – बिरंगक छवि हम पैयलों।
हस्तशिल्प के बनल समान ,
मिथिला के थिक आन बान शान ।
विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग ,
जे सबहक मन पर छाप छोड़य अछि।
व्यंजन के कि करब बराय?
लागय अछि स्वाद में,
बसल छथिं माय।
एक थारी में पच्चीस प्रकार ,
दाम बताबै एक हजार ।
चुल्हा जांता उखैर समांठ ,
भाषा खोलय अछि मनक गांठ ।
झूला कही की बिना ड्राइवर के रेल,
मिथिलावासी में देखल अद्भुत मेल।
मन में उठल उमंग अपार ,
ताहि लेल कयलौं हम नौका विहार।
सुंदर,सजल हम देखलौं बाग ,
पानी में भेटल करिया नाग।
साफ -सुथरा मिथिला हाट ,
गीत गेलों हम पूरे बाट।
सबहक मन में भरै मिठास ,
तें अछि सबसौं इ भूमि खास।
स्वरचित एवं मौलिक
मनु कुमारी विशिष्ट शिक्षिका
प्राथमिक विद्यालय दीपनगर बिचारी राघोपुर सुपौल
