विषय -बाल कविता।
शीर्षक -मेरी गुड़िया फल, सब्जी से बनी है।
मेरी गुड़िया फल, सब्जी से बनी है,
दिखने क्या अद्भुत लग रही है।
बाल मेरी गुड़िया का हरी मिर्ची का ,
आँख चुकंदर का क्या खूब जमती है।
मेरी गुड़िया —–२।
कद्दुकस का शरीर हाथ मिर्ची से बनी है,
लहसुन की अंगुली क्या सुंदर दिखती है।
मेरी गुड़िया ———२।
केले और संतरे की गुड़िया की फ्राॅक है,
काले पोलोथिन की पाजामा पहनी है।
मेरी गुड़िया ——-२।
हरी मिर्ची की गुड़िया जूता पहनी है,
गले भी बनी हरी मिर्ची से दीख रही है।
मेरी गुड़िया ——–२।
कान की बाली चुकंदर की बनी है,
उसमें पीली नारंगी सोने सी चमकती है।
मेरी गुड़िया —-२।
नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका, स्वरचित बाल गुड़िया कविता।
स्कूल -म०वि० रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।
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