Category: बाल कविता

दादा-दादी दिवस – उमेश कुमार सिन्हा दादा-दादी दिवस – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 5:09 pm

दादा-दादी की बचपन की बातें खूब मुझे याद आती हैं, गाँव में जाकर उनके संग खुशियाँ खूब मनाती हैं। जब[...]

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थाली का इतराना-उमेश कुमार सिन्हा निर्देशक थाली का इतराना-उमेश कुमार सिन्हा निर्देशक 

0 Comments 6:48 am

श्रावण की पूर्णिमा देख, थाली चाँद पर इतराती है— “देखो, कैसा चाँद मेरा शक्ल बनाया है!” राखी के त्योहार पर[...]

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Kartik Kumar

खेल का मेला-कार्तिक कुमारखेल का मेला-कार्तिक कुमार

0 Comments 5:02 pm

3:30 से खेला होगा, बैट-बॉल का मेला होगा। दूसरा और तीसरा का मैच, नहीं करेंगे आपस में बैच। मिल-जुलकर सब[...]

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Ratna Priya

झूला झूलें-रत्ना प्रियाझूला झूलें-रत्ना प्रिया

0 Comments 5:52 pm

सावन आया झूला झूलें,  धरती से गगन को छू लें,  काली बदरी नभ में छाई, रिम-झिम-रिम-झिम वर्षा आई, बच्चे समाते[...]

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Kartik Kumar

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार

0 Comments 7:33 pm

 मेरा प्यारा खिलौना – कार्तिक कुमार मेरा प्यारा खिलौना है, सबसे सुंदर, न्यारा है। लाल रंग की छोटी गाड़ी, चलती[...]

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“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार

0 Comments 11:55 am

क से कबूतर हम पढ़ते हैं, ख से खरगोश है, उजला – उजला, ग से गमला में पौधे लगाना, घ[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

नन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजाननन्हे फूल-रामपाल प्र०सिंह अनजान

0 Comments 5:59 pm

विद्यालय के बाग बगीचे।आओ हम सब मिलकर सींचे। मुन्नी-मुन्ना कोमल प्यारे।आँगनबाड़ी के हैं सारे।। इनको कक्षा में ले जाओ।ज्येष्ठ तुम्हीं[...]

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