मिट्टी से भी यारी रख, दिल से दिलदारी रख चोट न पहुंचे बातों से, इतनी समझदारी रख पहचान हो तेरी[...]
Category: बाल कविता
डाली के फूल-आशीष अम्बरडाली के फूल-आशीष अम्बर
नीले – पीले , लाल – काले, प्यारे – प्यारे , भोले – भाले , चारू – चंचल और मतवाले[...]
फाग क्या होती अम्मा बोल-राम किशोर पाठकफाग क्या होती अम्मा बोल-राम किशोर पाठक
बजाते हैं सब देखो ढोल। फाग क्या होती अम्मा बोल।। सभी जो करते हैं हुड़दंग। तभी तो जो जाता हूँ[...]
कविताकविता
।। तुम हो मेरी रागिनी सी ।। तुम्हारी बोली जैसे मीठी रागिनी सी, अंधेरी रातों में हो तुम मेरी चाँदनी[...]
*चलें स्कूल**चलें स्कूल*
चलें स्कूल हम हैं सृजन के फूल, चलें स्कूल। चलें स्कूल, चलें स्कूल।। बच्चे हैं हम, सृजन के[...]
अभी खेलने के दिन अपने-मनु कुमारीअभी खेलने के दिन अपने-मनु कुमारी
जी भरकर अभी खेल न पाई सखियों के संग मैया, मेरे ब्याहन की खातिर क्यों बेच रही तू गैया। अपने[...]
बचपनबचपन
बचपन ना ही किसी की फिक्र है, ना ही किसी का जिक्र हैं, करते हरदम अपने मन की, यही उमर[...]
कविता *बाल मनुहार*कविता *बाल मनुहार*
बाल मनुहार मां यह मुझे बता दे! आसमान क्यों है नीला कैसे उड़ लेती है चिड़ियां इस नील गगन में[...]
सर्द हवा-राम किशोर पाठक सर्द हवा-राम किशोर पाठक
सर्द हवाओं का झोंका है। अम्मा ने मुझको रोका है।। कहती बाहर में खतरा है। सर्दी का पग-पग पहरा है।।[...]
बाल मनुहार..अमृता कुमारीबाल मनुहार..अमृता कुमारी
*बाल मनुहार* मां यह मुझे बता दे!आसमान क्यों है नीला कैसे उड़ लेती है चिड़ियां इस नील गगन में ऊपर[...]
