Category: बाल कविता

सत्यनारायण सिंह

प्रकृति प्रहरी- सत्य नारायण सिंहप्रकृति प्रहरी- सत्य नारायण सिंह

0 Comments 6:00 am

मिट्टी से भी यारी रख, दिल से दिलदारी रख चोट न पहुंचे बातों से, इतनी समझदारी रख पहचान हो तेरी[...]

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Ram Kishore Pathak

फाग क्या होती अम्मा बोल-राम किशोर पाठकफाग क्या होती अम्मा बोल-राम किशोर पाठक

0 Comments 11:02 pm

बजाते हैं सब देखो ढोल। फाग क्या होती अम्मा बोल।। सभी जो करते हैं हुड़दंग। तभी तो जो जाता हूँ[...]

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*चलें स्कूल**चलें स्कूल*

0 Comments 8:59 pm

चलें स्कूल   हम हैं सृजन के फूल, चलें स्कूल। चलें स्कूल, चलें स्कूल।।   बच्चे हैं हम, सृजन के[...]

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Manu Raman Chetna

अभी खेलने के दिन अपने-मनु कुमारीअभी खेलने के दिन अपने-मनु कुमारी

0 Comments 1:16 pm

जी भरकर अभी खेल न पाई सखियों के संग मैया, मेरे ब्याहन की खातिर क्यों बेच रही तू गैया। अपने[...]

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Ram Kishore Pathak

सर्द हवा-राम किशोर पाठक सर्द हवा-राम किशोर पाठक 

0 Comments 12:54 pm

सर्द हवाओं का झोंका है। अम्मा ने मुझको रोका है।। कहती बाहर में खतरा है। सर्दी का पग-पग पहरा है।।[...]

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बाल मनुहार..अमृता कुमारीबाल मनुहार..अमृता कुमारी

0 Comments 9:02 pm

*बाल मनुहार* मां यह मुझे बता दे!आसमान क्यों है नीला कैसे उड़ लेती है चिड़ियां इस नील गगन में ऊपर[...]

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