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गर्मी आई -नीतू रानी

विषय -गर्मी आई।
शीर्षक -झटपट भागा ठंडा भाई।

झटपट भागा ठंडा भाई,
लेके कंबल और रजाई।

स्वेटर पहनकर जैसे- तैसे भागा ,
जैसे उड़ता काला कागा।

छोड़ गया वह पतला चद्दर,
रात में ओढ़ेगा बेटा गब्बर।

घर आई गरमी की बेटी,
लहराती अपनी वो चोटी।

एसी पंखा साथ में लाई,
फ्रीज लेके आई रखने मलाई।

भिंडी,परवल, करेला लाई,
सब्जी सहजन ताजा बनाई।

आइसक्रीम और कुल्फी लाई,
अपने हाथों से भाभी को खिलाई।

ककड़ी, खीरा, तरबूज लाई,

काला अंगूर सबको भाई।

नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका, स्वरचित बाल कविता।
स्कूल -म०वि० रहमत नगर सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार।

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