“अभी ना ब्याह रचाओ मां “
अभी ना ब्याह रचाओ मां….
मुझे पढ़ लिख जाने दो
अपने पैरों पर खड़ी होकर, मुझे कुछ बन जाने दो।
अभी ना ब्याह रचाओ मां…..।
खेलने कूदने के दिन है मेरे, गुड्डे गुड़िया संगी मेरे
बचपन को थोड़ा जी लेने दो।
अभी ना ब्याह रचाओ मां…..।
कच्ची मिट्टी की मूरत हूं, छू लेने पर टूट जाऊंगी,
अभी अभी धूप खिला है, पूरी तरह गढ़ जाने दो।
अभी ना ब्याह रचाओ मां….।
अच्छे बुरे का ज्ञान नहीं, अपना पराया का ध्यान नहीं
दुनियादारी से अंजान, मेरे नाजुक कंधों को टूटने से बचा लो मां।
अभी ना ब्याह रचाओ मां….।
मुझे भी सारा अधिकार दो, मेरे पंख भी पसार दो
परम्परा की जंजीर को तोड़कर,
मेरे तरफ हाथ बढ़ाओ मां ….
अभी ना ब्याह रचाओ मां…
अभी ना ब्याह रचाओ मां।
उषा कुमारी
प्राथमिक विद्यालय महिनाथपुर
प्रखंड झंझारपुर,जिला मधुबनी
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Usha kumari


