एक-एक रुपया जोड़-जोड़कर गुल्लक अपनी भर लाई, दादी के घर बड़े जतन से मैंने एक गुड्डा बनवाई। नानी के घर[...]
Category: Hall of Fame
स्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हा
स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]
सेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हासेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हा
नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]
दोस्ती-रूचिकादोस्ती-रूचिका
दोस्ती नही कभी आजमायी जाती, ये तो बस आपस में निभाई जाती। ऊंच नीच का फर्क नही है दोस्ती में[...]
मित्र-रूचिकामित्र-रूचिका
दवा,दुआ,इल्तिज़ा में उठे जिसका हाथ है, वह मित्र है जो जुदा होकर भी साथ है। जो मन की भित्ति को[...]
जन गण मन हम गाते हैं-नीतू रानीजन गण मन हम गाते हैं-नीतू रानी
तिरंगा दिवस मनाएंँगे जय- जय कार लगाएँगे, इस झंडे के नीचे हम सब शीश झकाएँगे ऊपर तिरंगा फहराएँगे। तिरंगा दिवस[...]
अहंकार की दुर्गन्धअहंकार की दुर्गन्ध
अहंकार की दुर्गंध पैसा, पावर घूम-घूमकर, सबके माथे चूम रहा है. जिसे छू लिया इसने, उसका मन ही झूम रहा[...]
“एक आह” – स्मिता ठाकुर“एक आह” – स्मिता ठाकुर
मन ने चाहा बस इतना, कोई अपना इतने पास रहे। दो मीठे से बोल कहे, थोड़ा-सा विश्वास रहे। लेकिन सूनी[...]
टीचर्स ऑफ बिहार :कार्तिक कुमारटीचर्स ऑफ बिहार :कार्तिक कुमार
ज्ञान की ज्योति लेकर निकले, टीचर्स ऑफ बिहार।हर बच्चे के सपनों का बनते हैं आधार।गाँव-गाँव में दीप जलाकर, शिक्षा का[...]
हुकूमत के साथ-मनु कुमारीहुकूमत के साथ-मनु कुमारी
वक्त के इशारों पर मुड़ जाती हैं दिशाएँ भी, मौन हो जाती हैं कभी सच्ची सदाएँ भी, हुकूमत के साथ[...]
