हम सबने यह ठाना है, प्रकृति को बचाना है। पेड़-पौधे लगाएंगे, हरियाली फैलाएंगे। आओ मिलकर पेड़ लगाएँ, पर्यावरण को स्वच्छ[...]
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हिंदी भाषा की महत्ता – मृत्युंजय कुमारहिंदी भाषा की महत्ता – मृत्युंजय कुमार
हिंदी भाषा की महत्ता – मृत्युंजय कुमार अपनी भाषा के सम्मान में, हम सब हैं अभिमान में। आओ मिलकर इसे[...]
प्यारे शिक्षक – मुन्नी कुमारीप्यारे शिक्षक – मुन्नी कुमारी
प्यारे शिक्षक – मुन्नी कुमारी शिक्षक प्यारे लगते हैं, जग से निराले होते हैं। चलना हमें सिखाते हैं, सही राह[...]
शिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमारशिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमार
शिक्षा का महत्व – मृत्युंजय कुमार आओ मिलकर दीप जलाएं, शिक्षा की हम अलख जगाएं। विद्यालय में रोज जाना है,[...]
धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवानधर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान
धर्म-संकट – जितेन्द्र पासवान महाभारत युद्ध का जब शंखनाद हुआ, श्रीकृष्ण-अर्जुन में एक संवाद हुआ। “देख रहे हो, हे केशव![...]
बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”
एक-एक रुपया जोड़-जोड़कर गुल्लक अपनी भर लाई, दादी के घर बड़े जतन से मैंने एक गुड्डा बनवाई। नानी के घर[...]
स्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हास्वतंत्रता का अमर प्रण – उमेश कुमार सिन्हा
स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में लहराया है। ज्यों ही[...]
सेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हासेवाभावी की अभिलाषा -उमेश कुमार सिन्हा
नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]
दोस्ती-रूचिकादोस्ती-रूचिका
दोस्ती नही कभी आजमायी जाती, ये तो बस आपस में निभाई जाती। ऊंच नीच का फर्क नही है दोस्ती में[...]
मित्र-रूचिकामित्र-रूचिका
दवा,दुआ,इल्तिज़ा में उठे जिसका हाथ है, वह मित्र है जो जुदा होकर भी साथ है। जो मन की भित्ति को[...]
