Site icon पद्यपंकज

रघुवर नमन- राम किशोर पाठक 

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

करता रघुवर नमन तुम्हारा।

चंचल चितवन चमन हमारा।।

कैसे सुलभ सहज सब पाऊँ।

कैसे निषाद चरण पखारा।।

करता रजकण शिला अहिल्या।

दे दो प्रभु अब हमें किनारा।।

पाया अतिशय दुख रघुराई।

तब जाकर अब तुम्हें पुकारा।

करिए दया कुछ दान हमको।

रघुवर तुम्ही शबरी उबारा।।

जैसे भरत हनुमान प्रिय हैं।

वैसे रखकर हृदय पिटारा।।

दे दो हमें अब नेह प्रभु जी।

मान लखन सम अनुज दुलारा।।

दर्शन कमल नयन कर पाऊँ।

दे दो शुभ वर अगर विचारा।।

महिमा सहज चरण रज गाऊँ।

सीता पति अब सुख भर सारा।।

रचयिता:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला

बिहटा, पटना, बिहार।

संपर्क – 9835232978

0 Likes
Spread the love
Exit mobile version