आओ कर लें गुरुओं का गुणगानगुरुओं से है अपनी ये पहचान नादान थे,अंजान थे,दे शिक्षा किया जीवन को आसानगुरुओं से[...]
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भजन से परम धाम पाइए – राम किशोर पाठक भजन से परम धाम पाइए – राम किशोर पाठक
सहज नाम बस राम गाइए। भजन से परम धाम पाइए।। सहज पाप करते हुए कभी। हृदय ताप धरते हुए कभी।।[...]
करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’करो उद्धार प्रभु-कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’
मुनि से शापित ये सुकोमल सी नारी, हो गई उपेक्षित अहल्या बेचारी। महा तपस्विनी थी विदुषी जो नारी, क्यों बन[...]
गीत गाते सभी हैं-राम किशोर पाठकगीत गाते सभी हैं-राम किशोर पाठक
झूमो गाओ, मिल-जुल सभी, प्रीत पाते सभी हैं। आओ प्यारे, जय-जय करें, गीत गाते सभी हैं।। आजादी है, समरस[...]
मुझे मत मारो न पापा..अवनीश कुमारमुझे मत मारो न पापा..अवनीश कुमार
मुझ प्यारी बिटिया के लिए लोरी बनाओ न पापा।धीमे सुरों में मुझे सुलाओ न पापा,अपनी बाहों में भरकर झूला झुलाओ[...]
रघुवर नमन- राम किशोर पाठक रघुवर नमन- राम किशोर पाठक
करता रघुवर नमन तुम्हारा। चंचल चितवन चमन हमारा।। कैसे सुलभ सहज सब पाऊँ। कैसे निषाद चरण पखारा।। करता रजकण शिला[...]
छंद रचना को गहूँ-राम किशोर पाठक छंद रचना को गहूँ-राम किशोर पाठक
विघ्न हर्ता देव हो तुम, कष्ट अपना मैं कहूँ। आज तुमसे आस मुझको, छंद रचना को गहूँ।। शब्द लाऊँ मैं[...]
शरण गहूँ दिन-रात – राम किशोर पाठकशरण गहूँ दिन-रात – राम किशोर पाठक
ध्यान लगा मैं कर सकूँ, रचना की बरसात। भजन करूँ नित मातु की, शरण गहूँ दिन-रात।। शब्द पुष्प के हार[...]
माँ वर दो-राम किशोर पाठक माँ वर दो-राम किशोर पाठक
शीश नवाऊँ, माता के दर, माँ वर दो। रचना लाऊँ, नित्य नया कर, माँ वर दो।। शरण तुम्हारी, गहने वाले,[...]
गाँधी की दरकार है – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’गाँधी की दरकार है – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
भारत की चुनावों में धन की है बोलबाला, पैसे से ही आज यहांँ, होती जीत- हार है। अधिकांश लोग एक [...]
