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होली गाए रे- रामकिशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

होली गाए रे

मचल-मचल के भ्रमर कुमुदिनी में छुप जाए रे।
आज पपीहा कूक मधुर सी होली गाए रे।।

कलियाँ हंँसकर इठलाई खोल पंखुरियाँ रे।
लगी तितलियाँ मँडराने गलियाँ-गलियाँ रे।।
झूमें डलिया पीली सरसों भी लहराए रे।
आज पपीहा कूक मधुर सी होली गाए रे।।०१।।

हवा सुवासित बहकाती है गाँव नगरिया रे।
लगी बहकने आज चतुर्दिक सुघर डगरिया रे।।
प्रेम रंग में रंग धूल कण तन लिपटाए रे।
आज पपीहा कूक मधुर सी होली गाए रे।।०२।।

नैनों में है शोखी आई देख उमरिया रे।
सँवर-सँवर के बुढ़िया देखो बनी गुजरिया रे।।
गोरे-गोरे मुखड़े पर नवरंग लगाए रे।
आज पपीहा कूक मधुर सी होली गाए रे।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978

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