चैत्र- राधिका छंद गीत
बीत गया फागुन माह, चैत है आया।
महुआ का मादक गंध, प्रीत भर लाया।।
नूतन आता है वर्ष, लता हर्षाती।
शीत उष्ण मिलकर संग, फूर्ति है लाती।।
कलियों फूलों के पास, भ्रमर मँडराया।
बीत गया फागुन माह, चैत है आया।।०१।।
धरती गढ़ती सौंदर्य, हवा भरमाती।
कोयल अपनी प्रिय कूक, सुना बहकाती।।
प्यारा लगता मधुमास, मदन की माया।
बीत गया फागुन माह, चैत है आया।।०२।।
दुर्गा पूजन प्रारंभ, सूर्य को ध्याते।
पाकर इनके आशीष, खुशी हर पाते।।
आकर्षण है चहुँओर, रंग का साया।
बीत गया फागुन माह, चैत है आया।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क- 9835232978
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