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कैसे आदर सबसे पाएं -रामकिशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

कैसे आदर सबसे पाएँ- प्रणव छंद गीत

कैसे आदर सबसे पाएँ।
आँखों में बस सबकी जाएँ।।

ऐसी चाहत सबकी होती।
भूलों में फिर दुनिया खोती।।
जैसी आदत जिसकी होती।
वैसा ही वह गहता मोती।।
सारे सुंदर सपने ध्याएँ।
कैसे आदर सबसे पाएँ।।०१।।

पाऊँ दौलत सुविधा सारी।
मारूँ ठोकर दुविधा भारी।।
देवों से रख अपनी यारी।
जाती है फिर मत क्यों मारी।।
खो जाते हम जिसको भाएँ।
कैसे आदर सबसे पाएँ।।०२।।

सारा ही जग कदमों में हो।
खोये कंपित सदमों में हो।।
चाहे जो हम कर पाएँ भी।
देवों सा हम इठलाएँ भी।।
गीतों को हम सुर में गाएँ।
कैसे आदर सबसे पाएँ।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क- ९८३५२३२९७८

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