श्याम सखा का इंतजार है- अपरांतिका छंद गीत
अठकल-रगण-लघु-गुरु
राधा का दिल बेकरार है।
श्याम सखा का इंतजार है।।
मिलने अब तो श्याम आइए।
मान वचन का तो निभाइए।।
बिना तुम्हारे अंधकार है।
श्याम सखा का इंतजार है।।०१।।
होंठों की लाली निहारिए।
होती उदास है विचारिए।।
आँखों में बस अश्रुधार है।
श्याम सखा का इंतजार है।।०२।।
प्रणय निवेदन मान जाइए।
रास रचाने आज आइए।।
हृदय तुम्हारा तो उदार है।
श्याम सखा का इंतजार है।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क – ९८३५२३२९७८
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