Site icon पद्यपंकज

गौ हत्या को रोकना -रामपाल प्रसाद सिंह

RAMPAL SINGH ANJAN

RAMPAL SINGH ANJAN

कुंडलिया।

गौ-हत्या को रोकना, प्रश्न उठा फिर यक्ष।
माता जिसको कह रहे,करना रोको भक्ष।।

करना रोको भक्ष,दिलाकर माँ का दर्जा।
गोपालक है दीन, उन्हें होगा ही हर्जा।।

सबका है जब धर्म,लगाएँ सब मिल मत्था।
धर्म से आया लाभ, मिटाएगा गौ हत्या
गोपालक को प्राप्त हो,गौ-सेवा का लाभ।
बिक्री पर प्रतिबंध हो,विस्मित प्रकट प्रभाभ।।

विस्मित प्रकट प्रभाभ,स्वर्ग की तज अभिलाषा।
राजा दिव्य दिलीप, धर्म की समझी भाषा।।

कहते हैं “अनजान”,आज विस्मित जगचालक।
कब से ?गौ को मार, पाप ठोते गोपालक।।

रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

0 Likes
Spread the love
Exit mobile version