सब मिलकर एक दीप जलाएं – सुबाला कुमारी
खेतों ने ओढ़ ली है धानी चादर
भूमिपुत्र भी मंद मंद मुस्कुरा रहा है
दीपावली का शुभ दिन आ रहा है।
मौसम भी करवट बदल रहा है
सर्द ऋतु का आगाज हो रहा है
दीपावली का शुभ दिन आ रहा है।
चंचल मन हर्षा रहा है
दीपों का त्यौहार आ रहा है
दीपावली का शुभ दिन आ रहा है।
सब लोग मंगल गीत गा रहे हैं
ढोल ,पटाखे और घंटियां बजा रहे हैं
दीपावली का शुभ दिन आ रहा है।
प्रकृति हो रही है भाव विभोर
चहूं ओर खुशियों की लहर उठ रही है
दीपावली का शुभ दिन आ रहा है।
सब मिलजुल कर घर सजा रहे हैं
मां लक्ष्मी भी कृपा बरसा रही है
दीपावली का शुभ दिन आ रहा है।
सुबाला कुमारी
हिन्दी शिक्षिका
भागलपुर बिहार।
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