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सरस्वती वंदना – राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

सुर ताल पल में सहज साध जाऊँ।
मैं जो तुम्हारी चरण धूल पाऊँ।।

रचना सभी छंद पल में करूँ मैं।
हर छंद में प्रीत का स्वर भरूँ मैं।।
कोई सरस गीत पल में सजाऊँ।
मैं जो तुम्हारी चरण धूल पाऊँ।।०१।।

सारे अलंकार रस काव्य में हो।
हर सीख का शब्द संभाव्य में हो।।
जग को सही राह हर-पल दिखाऊँ।
मैं जो तुम्हारी चरण धूल पाऊँ।।०२।।

पाकर तुम्हारी कृपा विज्ञ बनता।
सम्मान का भाव चित खास जनता।
नित वंदना मैं तुम्हें गा सुनाऊँ।
मैं जो तुम्हारी चरण धूल पाऊँ।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क -9835232978

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