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सुनो बिहार-रूचिका

Ruchika

सुनो बिहार,

तुझसे है मेरा अटूट नाता

तुझसे ही पाया मैंने अमूल्य संस्कार

है किस्मत की मुझ पर मेहरबानी

तेरी मिट्टी में पले बढ़े 

नही रहे मन में कोई भी तकरार।

सुनो बिहार,

तेरा गौरव अपने कर्मो से बढाया,

अपनी संस्कृति विदेशों में भी निभाया,

शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत हो

विश्वपटल पर नाम बढाकर

नालन्दा का सम्मान निरन्तर बचाया।

सुनो बिहार,

देश विदेश के किसी कोने में घूम आएं

सुकून बस तेरे पास ही पाएं

चाहे मिले कितनी असुविधा

नही रहे मन में कोई भी दुविधा

तू है मेरा असली पनाहगाह

तू ही है मेरे कामयाबियों की राह।

सुनो बिहार,

तेरी हो सदा ही जय-जयकार

भले ही कोई कुछ भी कहे 

तुझसे ही मेरा अभिमान

तू ही मेरा गौरवशाली बिहार।

रूचिका

प्रधान शिक्षिका

राजकीय प्राथमिक विद्यालय कुरमौली गुठनी सिवान बिहार

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