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भारत कि पहचान है हिन्दी।

भारत कि पहचान है हिन्दी

सरल सहज महान है हिन्दी

अ आ इ ई..स्वर है

क ख ग ..से ज्ञ वर्ण हैं हिंदी।

सरल सहज आसान है हिन्दी।

लघु कम दीर्घ में जोर

नाम कई नेत्र,नयन,नैन

अर्थ एक है।

प्रेमचन्द कि उपन्यास है हिन्दी।

मिरा कि प्रेम भक्ति

कबिर कि दोहा है।

मां कि लोरी है

अनेकता में एकता कि पहचान है हिन्दी।

रफि लाता कि स्वर है हिन्दी

हां हां भारत कि पहचान है हिन्दी।

वर्ण मिल शब्द बने

शब्द मिल वाक्य

वाक्य मिल फिर कहानी बने

कवियो कि कबिता हैं हिन्दी।

हां हां भारत कि पहचान है हिन्दी।।

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MITHILESH KUMAR

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