Site icon पद्यपंकज

हिंदी

।।।। हिन्दी।।।।।

हिन्द देश की जननी हिन्दी

यूं हीं हर बरस आया करो

देश की प्यारी जनता को

तुम अपना दरश दिखाया करो।।

इतनी प्यारी भाषा,

पूरे जग में न कहीं मिल सकती है

फिर भी हमें अपनों से हीं

यूं दूरी क्यों सहनी पड़ती है ?

आओ हम ये प्रण करें

हम इसे न पीछे होनें देंगे

भाषायी विविधता में भी इसे

एकता के सूत्र में पिरोए रखेंगे।।

 

।। शैलेन्द्र कुमार।।

।। विशिष्ट शिक्षक।।

।। उत्क्रमित मध्य विद्यालय बथनाहा,

।। प्रखंड -मोतीपुर, जिला -मुजफ्फरपुर, बिहार।।..

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