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प्रभु राम तुम्हारा अभिनंदन आशीष अम्बर

कविता
शीर्षक :- प्रभु राम तुम्हारा अभिनंदन ।
हे राम तुम्हारा है अभिनंदन ,
भगवान तुम्हारा शत – शत वंदन ।
अवतार धरा पर लेते हो,
खल – दुष्ट दमन कर देते हो ।

अन्याय नष्ट हो जाता है,
पापी भी मुँह को खाता है ।
आनंदित होते मुनिगण – जन ,
हे राम तुम्हारा है अभिनंदन ।

राम बड़े वीर कहलाए,
लड़ने में रणवीर कहलाए ।
लंका में जाकर रावण को मारा,
दुष्ट दलन कर उसे संहारा ।

जिसपर प्रभु तुम्हारी कृपा हो,
वह रहे सदा खुशहाली ।
हे राम तुम्हारा है अभिनंदन,
भगवान तुम्हारा शत – शत वंदन ।

आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार

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