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बात हमारे रामायण की- राम किशोर पाठक 

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

त्याग तपस्या और प्रेम की, बातें करती नानी।

बात हमारे रामायण की, जिसमें राम कहानी।।

दशरथ नंदन चारो भाई, अद्भुत अवध दुलारे।

असुर निकंदन कहलाए जो, भटके कानन प्यारे।।

नहीं किसी को राज-पाट का, मन में लोभ सताया।

देख समर्पण सुकुमारों का, पटकी थी सिर माया।।

ऐसी गाथा और न दूजा, कोई जिसकी सानी।

बात हमारे रामायण की, जिसमें राम कहानी।।०१।।

जनक दुलारी सुकुमारी भी, बहनें अद्भुत चारो।

रमा रूप धरती पर आईं, उनके चरण निहारो।‌।

सेवा और धर्म को लेकर, सबने त्याग दिखाया।

सुख-सुविधा को ठुकरा करके, अपना धर्म निभाया।।

कहना मुश्किल कौन बड़ा था, सबमें दिखी भवानी।

बात हमारे रामायण की, जिसमें राम कहानी।।०२।।

गले लगाएँ राम सभी को, भेद मिटाकर सारी।

अवनी शैया सहज बनायी, थी सीता सुकुमारी।।

अपनी चिंता छोड़ सभी ने, सोची पीर पराई।

मात-पिता गुरु आज्ञा पालन, सिखलाएँ रघुराई।।

राम कथा को अपनाएँ तो, जीवन हो मस्तानी।

बात हमारे रामायण की, जिसमें राम कहानी।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क – ९८३५२३२९७८

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