बेटियाँ दोनों कुल की मर्यादा है,
उनसे ही होता कुल का वैभव ।
उसी के वश में सृजन सृष्टि है,
रहती हरदम सबके लिए सुलभ ।
खेलकूद में भी बेटियों ने,
नवल इतिहास बनाया है ।
विश्व रंगमंच पर भी भारत का,
स्वाभिमान बार – बार दर्शाया है ।
बेटियाँ लक्ष्मी का है स्वरूप,
यह सरस्वती की अवतारी है।
दुर्गा बन वह पराक्रम करती,
माँ के नौ रूपों की अधिकारी है ।
लता , आशा , और कल्पना ने,
दिया है अनुपम उदाहरण जग में ।
अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर,
विश्वपटल पर ध्यान दिलाया सब में ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार
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