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फसलों का त्योहार है खिचड़ी-एम० एस० हुसैन कैमूरी 

फसलों का त्योहार है खिचड़ी 

प्रकृति का उपहार है खिचड़ी 

देखिए फसलों की पैदावार बढ़ाकर 

लाई खुशियों की बौछार है खिचड़ी 

नए फसल भी लगा लिए हैं ,हम-सब ने 

फिर खुशियां मनाने को तैयार है खिचड़ी 

इसके आगमन से खेतों में हरियाली छाती

जब ही कहते हैं वसंत की बहार है खिचड़ी 

आईए हम-सब एक दूसरे को करें बधाई

तिल और गुड़ की सोंधी फुहार है खिचड़ी 

कहीं पतंग पर्व तो कहीं लोहड़ी, बिहू , पोंगल 

कहीं पर तो सरहुल का त्योहार है खिचड़ी 

एम० एस० हुसैन कैमूरी 

       शिक्षक 

 उत्क्रमित मध्य विद्यालय 

    छोटका कटरा 

 मोहनियां कैमूर बिहार

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