आया है गणतंत्र हमारा- सरसी छंद गीत
जन-गण-मन हो सुंदर अपना, आओ प्यारे संग।
आया है गणतंत्र हमारा, भरने नवल उमंग।।
कर्तव्यों को पहले रखकर, फिर पाएँ अधिकार।
अपनी इच्छा संग सभी को, करिए मन से प्यार।।
नियमों को हम ऐसे बांधे, जो लाए नव रंग।
आया है गणतंत्र हमारा, भरने नवल उमंग।।०१।।
प्रेम भरे हो बोल हमारे, थामे सबका हाथ।
सोचें सबके बारे में हम, निज खुशियों के साथ।।
आओ मिलकर हम प्रण ले लें, रहे सदा शुभ ढंग।
आया है गणतंत्र हमारा, भरने नवल उमंग।।०२।।
ध्वजा तिरंगा आसमान में, रहे लहरता शान।
बड़े गर्व से कहता है यह, भारत देश महान।।
संविधान आत्मा हो अपनी, नियम हमारा अंग।
आया है गणतंत्र हमारा, भरने नवल उमंग।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978
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