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राष्ट्र यज्ञ में आहुति देने आया हूं,
मां भारती का भाल सजाने आया हूं,
तिरंगा झंडा लहराने आया हूं।
देश हमारा था परतंत्र,
नहीं चला गोरों का षड्यंत्र,
यातना सह हुआ स्वतंत्र,
हमारा देश बना गणतंत्र।
रखना है अधिकार के
साथ कर्तव्य का ध्यान
कहता है हमारा संविधान,
हमारा देश बना गणतंत्र।
गण का,गण के लिए, गण के
द्वारा चलाया गया तंत्र है गणतंत्र।
जन -गण -मन के गूंजों से
गूंजेगा सारा जहान,
लागू हुआ हमारा संविधान।
करे हम उन वीरों का जयगान,
जिन्होंने न्योछावर किया अपना प्राण,
इतिहास बना उनका बलिदान ।
आया आजादी का नव विहान,
लागू हुआ हमारा संविधान,
हमारा देश बना गणतंत्र,
हमारा देश बना गणतंत्र।
✍️ ब्यूटी कुमारी
प्रधान शिक्षक
दलसिंहसराय,
समस्तीपुर

