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हम दिखला देंगे जीकर के… स्वरा


गीत
*हम दिखला देंगे जी कर के*

कुछ बूंद  गिरे  हैं आंसू  के
कुछ दावानल भी फूट गया
ये  कैसी   ठोकर  खाई   है
सपना आँखों का टूट गया
हम फिर भी हँसते जायेंगे -2
टूटे दिल को सी कर के

सागर की  मौजों से पूछो
कितनी   प्यासे  बांकी  है
बाधाओं से पार निकलती
नदियों  की जो  झांकी है
जीवन रस का पान करेंगे-2
हम गरलों को पी कर के

सुख-दुख जीवन के रंगों की
अनमिट  सखी   कहानी   है
श्वेत-श्याम, दिवा-रजनी  सी
चलती     ये     मस्तानी    है
स्वरा प्रेम की राह चलेंगे -2
हम  तो  कैसे  भी कर के 

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