हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं! – मृत्युंजय कुमार
हम शिक्षक हैं, हाँ हम शिक्षक हैं,
देश के नौनिहालों के हम रक्षक हैं।
आओ, मिलकर ज्ञान की ज्योति जलाएँ,
बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाएँ।
हम अपना कर्तव्य निभाएँगे,
शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाएँगे।
शिक्षा पाकर बच्चे देश-दुनिया में करेंगे नाम,
तभी तो सार्थक होगा हमारा काम।
विद्यालय को ज्ञान का केंद्र बनाएँगे,
गुरु होने का सच्चा फर्ज निभाएँगे।
बच्चों को अच्छे संस्कार सिखाएँगे,
आगे बढ़कर उन्हें सही राह दिखाएँगे।
जी हाँ, हम शिक्षक अपना फर्ज निभाएँगे,
इन नौनिहालों के बीच ज्ञान की ज्योति जलाएँगे।
मृत्युंजय कुमार
विशिष्ट शिक्षक (1-5)
NPS खुटौना यादव टोला
पताही, पूर्वी चंपारण
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