कृष्ण लीला – बेबी अर्चना
तू प्रेम में मेरे राधा बन जा,
कृष्ण तेरा बन जाऊँ मैं।
तू बन जा भावों की गंगा,
रोम-रोम तेरे बह जाऊँ मैं।
जग सारा बन जाए मधुबन,
एक ऐसी प्रीत निभाऊँ मैं।
अंतर्घट निश्छल प्रेम से भर दे,
जन्मोजन्म मीत बन जाऊँ मैं।
उड़े जो तू बन घन नीलगगन में,
बरसे तो प्रेममय हो जाऊँ मैं।
तू बन भी जा हँसी अधरों की,
संग -सदा ही तेरे मुस्काऊँ मैं।
प्रेमानुभूति से हर भाव समझ ले,
बन भाव सुमन खिल जाऊँ मैं।
मेरे मन को जो वृंदावन कर दे ,
ऐसे सखा पा नित इतराऊँ मैं।
बेबी अर्चना
मध्य विद्यालय कुआड़ी
प्रखंडकुर्साकांटा जिला अररिया
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