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लोग के कामे बा कहे के, कहते रही-भारत भूषण आजाद

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लोग के कामे बा कहे के, कहते रही,

रउआ अच्छा काम करी, आगे बढ़ते रही।

लोग के कामे बा जले के, जलते रही,

रउआ अपना मेहनत से जलवा बिखेरते रही।

लोग के कामे बा…….

ज्यादा खाएम त लोग मोटका कही,

कम खाएम त उहे पतरका कही।

बोलम त लोग बोलक्कड़ा कही,

आ चुप रहम त उहे चुपका कही।

  लोग के कामे बा कहे के, कहते रही,

रउआ अपना राह पर आगे बढ़ते रही।

लोग के कामे बा…….

नीचे गिरला पर लोग हंसी उड़ाई 

ऊपर उठला पर उहे हानि पहुचाई

रोएम त लोग कही नाटक करता,

आ हसेम त उहे कही कि खुब इतराता।

लोग के कामे बा कहे के, कहते रही,

रउआ हिम्मत के दीया जलावते रही।

लोग के कामे बा……..

मेहनत के पसीना गिरावते रही,

अपना सपना के धीरे-धीरे सजावते रही।

आज ना त काल मंजिल जरूर मिली 

कछुआ के भांति सफर में चलते रही

लोग के कामे बा कहे के, कहते रही,

रउआ अच्छा काम करी, आगे बढ़ते रही।

लोग के कामे बा…….

भारत भूषण आजाद,शिक्षक

प्राथमिक विद्यालय गम्हरिया

प्रखंड मोतिहारी देहात 

बतरौलिया

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