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माँ-रूचिका

Ruchika

अधूरी हसरतों के संग अधूरी सी लगती जिंदगी,
खुशियों की बातें लगती सब बिल्कुल ही बेमानी,
तेरा साथ मेरे टूटते भरोसे को जोड़ता सदा ही,
मेरी दुनिया तुझमें कही फिर मैंने ये है जानी।

तुझसे ही जिद तुझसे ही मेरे सारी चलती लड़ाई,
खुशियों के पल में तेरा साथ सबसे बड़ा मिठाई,
तुमसे ही मिलती हर पल में हिम्मत मुझको सदा,
मेरी दुनिया तुझमें कहीं तू मेरे पूर्व जन्मों की कमाई।

तू ही मेरे जीवन का सबसे बड़ी राजदार और सहेली,
तू सुलझाती मेरे जीवन की सारी कठिन पहेली,
तुमसे ही जाना कैसे मुश्किलों का सामना करना है,
मेरी दुनिया तुझमें कहीं तू मेरी सबसे बड़ी हमजोली।

रूचिका
प्राथमिक विद्यालय कुरमौली गुठनी सिवान बिहार

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