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मकर संक्रांति-बैकुंठ बिहारी

आया मकर संक्रांति का पर्व,

जो बनाता संतुलन प्रकृति के साथ,

संतुलन सूर्योपासना के साथ,

संतुलन मानव जीवन के साथ।

आया मकर संक्रांति का पर्व,

जो जाना जाता है विभिन्न नाम से,

उत्तर भारत में मकर संक्रांति,

गुजरात महाराष्ट्र में उत्तरायण,

तमिलनाडू में पोंगल,

असम में माघ बिहू,

पंजाब में लोहड़ी,

हरियाणा में माघी,

उत्तर प्रदेश और बिहार में तिल सकरात,

कर्नाटक और तेलंगाना में मकर संक्रांति,

पश्चिम बंगाल में पौष संक्रांति,

हिमाचल प्रदेश में माघ साजी,

केरल में मकर विलक्कू,

आंध्र प्रदेश में पेड्डा पांडुगा

अनेक नाम का एक ही लक्ष्य,

 वह है सूर्य की उपासना।

जो सूचक है सूर्य देव के

मकर राशि में प्रवेश का,

खरमास की समाप्ति और शुभ काल के आरंभ का,

शुभ अवसर है आत्म शुद्धि,

और पुण्य अर्जन का।

आओ मिलकर पर्व मनाए,

तिलकुट तिल और गुड़ खाएं।

प्रस्तुति

बैकुंठ बिहारी

स्नातकोत्तर शिक्षक

कम्प्यूटर विज्ञान उच्चतर माध्यमिक विद्यालय

सहोड़ा गद्दी कोशकीपुर

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