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नूतन वर्ष-राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

आया है अपना शुभ संवत्सर, आओ खुशी मनाएँ।

राग फाग का गाए हैं अब, माँ को जरा बुलाएँ।।

हुई सुवासित हवा सुहानी, कुसुमित धरती रानी।

फसलों से संपन्न हुए हम, हर्षित कहूँ कहानी।।

शीतलता से मुक्ति मिली है, गीत खुशी के गाएँ।

आया है अपना शुभ संवत्सर, आओ खुशी मनाएँ।।०१।।

जब मन सुनकर मोहित होता, कल-कल स्वर नदियों से।

तब आता नव वर्ष हमारा, भारत में सदियों से।।

राम जन्म का उत्सव करके, पावन हृदय बनाएँ।

आया है अपना शुभ संवत्सर, आओ खुशी मनाएँ।।०२।।

वन उपवन सब तरुणाई में, अलि लिपटे कलियों से।

सुखद चेतना भरती सबमें, हवा गुजर गलियों से।।

प्रकृति पुरुष जब नव उमंग में, तब ऐसा कर पाएँ।

आया है अपना शुभ संवत्सर, आओ खुशी मनाएँ।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क- 9835232978

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