बेमौसम बारिश – बाल कविता
बेमौसम जब बारिश आई।
गर्मी से कुछ राहत पाई।।
पर आँधी तूफान लिए थी।
अम्मा को हलकान किए थी।।
बात पते की हमें बताई।
बेमौसम जब बारिश आई।।०१।।
उखड़े टूटे पेड़ दिखाकर।
चोट-मोट की बात बताकर।।
बड़े प्यार से गले लगाई।।
बेमौसम जब बारिश आई।।०२।।
बिजली घातक गिरती इसमें।
खतरा जीवन का है जिसमें।।
छुपकर रहने को सिखलाई।
बेमौसम जब बारिश आई।।०३।।
गीतकार:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।
संपर्क – ९८३५२३२९७८
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