Site icon पद्यपंकज

शब्द-बाण और ब्रह्मांड का कम्पन- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

Dharmendra Kumar Thakur

Dharmendra Kumar Thakur

शब्द-बाण और ब्रह्मांड का कम्पन
वाणी वह अनमोल रतन है, जो चाहे तो सृष्टि संवार दे,
पर ज़रा सी चूक अगर हो, तो हँसता हुआ संसार उजाड़ दे।
मुख से जो निकले कटु वचन, तो पाताल भी कांपने लगता है,
काल का चक्र भी सहमकर, अपनी दिशा को बदलने लगता है!
जब खुला मुख और रसना से विष का सैलाब निकल आया,
तो सूर्य का तेज भी फीका पड़ा, अंबर पर घोर तमस छाया।
समुद्र का सीना फट गया, पर्वत भी चूर-चूर होने लगे,
देवता भी भयभीत होकर, अपने प्राणों को खोने लगे!
सोच-समझकर कमान से तुम, ये शब्दों का तीर छोड़ो,
यह वो ब्रह्मास्त्र है पगले, जिससे तुम युग की दिशा मोड़ो।
एक बार जो कमान छूटी, तो ब्रह्मांड में महाप्रलय आएगी,
नदियां सब लहू बन जाएंगी, धरती भी भस्म हो जाएगी!
अमृत घोल अपनी वाणी में, जिससे मुरझाए चमन खिल जाएं,
तेरी एक मधुर पुकार से, बिछड़े हुए युग-युगांतर मिल जाएं।
रख नियंत्रण अपनी जिह्वा पर, यह ब्रह्मांड की सबसे बड़ी शक्ति है,
वाणी का सही संधान ही, ईश्वर की सबसे सच्ची भक्ति है।
तुम शब्द नहीं, चिंगारी हो, जो पल में इतिहास बदल दे,
एक महाशून्य की छाती पर, यह नव-युग का स्वर्णिम कल लिख दे।
जो बोले तुम हुंकार भरके, तो अंबर का सिंहासन डोले,
कालपुरुष भी हाथ जोड़कर, तेरे वचनों के पीछे हो ले!
यह जीभ नहीं, एक खड्ग है जो बिना बहे भी रक्त बहाए,
बिना घाव के ऐसी चोट करे, जिसे यमराज भी सह न पाए।
सिकंदर के बल को धूल करे, महलों को श्मशान बना दे,
और चाहे तो एक अदना मानव को, इस जग का भगवान बना दे!
इतिहास गवाह है वचनों ने, कितने ही कुरुक्षेत्र सजाए,
कितने ही हँसते मुकुट यहाँ, मिट्टी के भीतर दफ़न कराए।
द्रौपदी का वो एक वाक्य, भारत का महाविनाश लाया,
रावण के मुख के अहंकार ने, सोने की लंका को ढाया!
इसलिए संभालो इस रत्न को, इसे विष का पात्र न होने दो,
इस दिव्य कमान से तीरों को, तुम व्यर्थ यहाँ मत खोने दो।
जब-जब बोलो, कंचन बरसे, जब-जब खोलो मुख, अमृत बहे,
तेरी वाणी सुनकर यह ज़माना, युग-युगांतर तक धन्य कहे!

                                     धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
                                   प्राथमिक विद्यालय रेही टोला 
                                       रानीगंज अररिया 
                                          07.10.2026
0 Likes
Spread the love
Exit mobile version