मातृशक्ति – बेबी अर्चना हे मातृशक्ति अब जाग भी जाओ, कर निज-अस्तित्व की तू पहचान। बन सबला कर निज पथ-[...]
Category: अनुभव
स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
स्वावलंबी :- धर्मेंद्र कुमार ठाकुर जब भी था कठिनता का घेरा, मैंने हर गिरते को उठाया। उनके दर्दों को[...]
चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
चेहरों का मेला(भ्रम):-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर घृणा नहीं है किसी से, न कोई शिकायत है, बस इस स्वार्थी संसार की एक[...]
मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुरमौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर
मौन और अनुभव :- धर्मेन्द्र कुमार ठाकुर चलो अब जाने भी दो क्या करोगे कथा सुनकर, ये चोट जो गहरी[...]
हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरहम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
हम है कर्जदार – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर हम है कर्जदार हाँ, हम कर्जदार हैं… गुनाहगार नहीं, बस जिम्मेदारियों के बीमार[...]
धरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरधरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
धरा का गौरव – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर इस धरा पर जनम लिया, ये सौभाग्य हमारा है, जिसकी गोदी में पला-बढ़ा,[...]
क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरक्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
क्रोध का कुनबा – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर भीतर हमारे बैठा है, एक ऐसा परिवार, जो सुख-चैन को डस लेता, कर[...]
पिघल गया अनुशासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरपिघल गया अनुशासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
पिघल गया अनुशासन – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर वक्त की धूप में देखो, कैसे विचार बदल जाते हैं, जो कल तक[...]
चेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरचेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
चेतना का शंखनाद – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर क्यों आवश्यकता आन पड़ी, इस बालिका दिवस को मनाने की? ये जान लेना[...]
अदृश्य शत्रु – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअदृश्य शत्रु – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
अदृश्य शत्रु – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर मूर्छित ब्रह्मांड पड़ा है देखो, जड़ता का साम्राज्य यहाँ है, जिसने पाला इस दानव[...]
