Site icon पद्यपंकज

श्याम मोहे रंग दे-राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

फाग में नव ढंग दे।

श्याम मोहे रंग दे।।

आज श्यामा बोल दी।

राज दिल की खोल दी।।

फाग में भी मौन क्यों।

रास करके गौन क्यों।।

खेलता जाने कहाँ।

है छुपा माने कहाँ।।

काश कान्हा संग दे।

श्याम मोहे रंग दे।।०१।।

दूँ गुलाबी रंग मैं।

लाल पीला संग मैं।।

आसमानी डाल दूँ।

खींच उसके गाल दूँ।।

जी रही जिसके लिए।

जान दूँ उसके लिए।।

प्रीत का अब भंग दे।

श्याम मोहे रंग दे।।०२।।

शोखियों की क्या कहें।

छोड़ उसको क्यों रहें।।

डाल बाँहों को गले।

भींग जाऊँ मैं भले।।

प्रीत के नव रंग में।

हार दिल के जंग में।।

नेह से भर अंग दे।

श्याम मोहे रंग दे।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक

प्रधान शिक्षक

प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला

बिहटा, पटना, बिहार।

संपर्क – 9835232978

0 Likes
Spread the love
Exit mobile version