कमल आसन पर बैसल छथि,
स्वर की देवी सरस्वती।
माँ हँस वाहिनी ज्ञान दायिनी,
विद्या दायिनी सरस्वती।
कमल आसन पर बैसल छथि,
स्वर की देवी सरस्वती।
मांँ स्वेत वस्त्र धारिनी हंस वाहिनी,
रुप सुंदर माँ सरस्वती।
कमल आसन पर बैसल छथि,
स्वर की देवी सरस्वती।
माँ हमर सन अज्ञानी केअ,
दियअ ज्ञान भैर माँ सरस्वती।
हम छी अंधकार में माँ,
देखाबू ज्ञानक रोशनी।
कमल आसन पर बैसल छथि,
स्वर की देवी सरस्वती।
नीतू रानी, विशिष्ट शिक्षिका
स्कूल -म०वि० रहमत नगर
सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार
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