अब कोई बालिका अपना हक न खोए – पुनम कुमारी
अब कोई बालिका अपना हक न खोए,
अपने सपनों को आँसुओं में न धोए।
उसे भी मिले शिक्षा का उजियारा,
वह भी बने देश का चमकता सितारा।
बेटा-बेटी में भेद मिटाएँ,
दोनों को समान अधिकार दिलाएँ।
बेटी को भी आगे बढ़ने दें,
उसके सपनों को उड़ने दें।
न कम उम्र में शादी कराएँ,
न उसके अरमानों को ठुकराएँ।
उसकी इच्छा, उसकी पहचान,
उसका भी है अपना सम्मान।
अब न बेटी चुप रह जाएगी,
अन्याय के आगे न झुक पाएगी।
अपने हक की आवाज़ उठाएगी,
नया सवेरा लेकर आएगी।
शिक्षा, सुरक्षा, समानता का नारा,
हर बेटी को मिले अधिकार हमारा।
मिलकर ऐसा भारत बनाएँ,
जहाँ बेटियाँ निर्भय मुस्काएँ।
अब कोई बालिका अपना हक न खोए,
हर बेटी अपने सपनों को संजोए।
बेटी है शक्ति, बेटी है मान,
बेटी से ही देश की पहचान!
प्रस्तुतकर्ता: पुनम कुमारी
विद्यालय: उच्च माध्यमिक विद्यालय, करजा
प्रखंड: शाहपुर
जिला: भोजपुर, बिहार

