अमृतमयी चाँदनी – रिंजु कुमारी
शरद पूर्णिमा की चाँदनी में,
खीर का भी अंदाज़ निराला होगा,
चाँदनी की अमृत वर्षा से,
उसका स्वाद भी अलबेला होगा।
उस रात की खीर में मिठास सिर्फ़ दूध-चीनी की नहीं होगी,
चाँद के नूर से सजी उसमें, एक दिव्य अनुभूति होगी।
वो खीर नहीं, चाँदनी का प्रसाद होगा,
हर निवाले में सुकून और प्रेम का एहसास होगा।
रिंजु कुमारी
फॉर्बेसगंज अररिया
बिहार
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