Tag: Rinju Kumari

विविधता में एकता – रिंजु कुमारीविविधता में एकता – रिंजु कुमारी

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विविधता में एकता    भाषाएँ अनेक, वेशभूषा अनेक, फिर भी एक पहचान है, विविध रंगों से सजा भारत, हमारी शान[...]

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Rinju Singh

शरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारीशरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारी

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शरद पूर्णिमा की रात – रिंजु कुमारी शरद पूर्णिमा की रात वो खीर बनाना, चाँदनी में छत पर उसे रख[...]

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Rinju Singh

चाँद की बात ही कुछ निराली – रिंजु कुमारीचाँद की बात ही कुछ निराली – रिंजु कुमारी

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चाँद की बात ही कुछ निराली – रिंजु कुमारी चाँद की बात ही कुछ निराली होती है, उसकी चाँदनी में[...]

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Rinju Singh

अमृतमयी चाँदनी  – रिंजु कुमारीअमृतमयी चाँदनी  – रिंजु कुमारी

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अमृतमयी चाँदनी  – रिंजु कुमारी शरद पूर्णिमा की चाँदनी में, खीर का भी अंदाज़ निराला होगा, चाँदनी की अमृत वर्षा[...]

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Rinju Singh

हर दिन, हर घड़ी – रिंजु कुमारीहर दिन, हर घड़ी – रिंजु कुमारी

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हर दिन, हर घड़ी – रिंजु कुमारी हर दिन, हर घड़ी समस्याओं से घिरे रहते हैं, कभी दर्द, कभी उलझनों[...]

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Rinju Singh

शिक्षक – रिन्जु कुमारीशिक्षक – रिन्जु कुमारी

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शिक्षक – रिन्जु कुमारी शिक्षक हैं ज्ञान के दीप महान, करते हैं जीवन को रोशनवान। अज्ञान का अँधियारा मिटाते, सच्ची[...]

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गुरु – रिन्जु कुमारीगुरु – रिन्जु कुमारी

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गुरु – रिन्जु कुमारी जो हर कोने के अंधकार को मिटाने में प्रयासरत रहता है। खुद जलकर भी जो जग[...]

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जन्माष्टमी मनाना सार्थक है – रिन्जु कुमारीजन्माष्टमी मनाना सार्थक है – रिन्जु कुमारी

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जन्माष्टमी मनाना सार्थक है – रिन्जु कुमारी क्या सच में जन्माष्टमी मनाना सार्थक है? क्या केवल मंदिर सजाने से, और[...]

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मुरली की मधुर तान – रिन्जु कुमारीमुरली की मधुर तान – रिन्जु कुमारी

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मुरली की मधुर तान – रिन्जु कुमारी मुरली की मधुर तान लिए, होठों पर प्यारी मुस्कान लिए। पीताम्बर की शोभा[...]

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