घोसला,पक्षी और पर्यावरण – सुनीता कुमारी
प्यारे प्यारे, बच्चे आओ,
घोसला बनाओ, पक्षियों को बचाओ।
हर विद्यालय में, घोसाला निर्माण,
हर आँगन में, पक्षियों को स्थान।
होगा संतुलित, पर्यावरण निर्माण,
पक्षियों का इसमें, बड़ा योगदान।
घोसला बनाकर, विद्यालय सजाएं,
पर्यावरण के प्रति,बच्चो को सजग बनाएं
हमसब मिलकर, योजना बनाएं,
बच्चों में पर्यावरण, प्रेम जगाएं।
आओ पक्षियों, तुम हो खास,
पर्यावरण की,तुम हो साज।
तुम्हारे साज से, पर्यावरण सजता,
प्रदूषण रहित, तुम्हारे धुन गुंजता।
मीठी-मीठी, तुम्हारी वाणी,
कर्ण सुख, पाते है प्राणी।
जीवन तो है, आनी जानी,
चलती रहती,तुम्हारी कहानी ।
आओ हम सब, पर्यावरण बचाएं,
विद्यालय में, एक घोसला बनाएं।
इस कदम को,हम सभी अपनाएं,
हर कदम से, पर्यावरण बचाएं।
एक विद्यालय, एक घोसला,
स्वस्थ्य पर्यावरण, स्वस्थ्य हौसला।
धन्यवाद!
विशिष्ट शिक्षिका
सुनीता कुमारी
विद्यालय – उत्क्रमित मध्य विद्यालय मानिकपुर, मधेपुरा
फोन न०- 7739669380

