गुरु – रिन्जु कुमारी
जो हर कोने के अंधकार को मिटाने में प्रयासरत रहता है।
खुद जलकर भी जो जग को रोशन करता है,
हर बच्चे के सपनों में उम्मीद भरता है।
कभी राह दिखाता, कभी हौसला बढ़ाता,
गिरते हुए कदमों को फिर से चलना सिखाता।
अज्ञान की रात को ज्ञान की भोर बनाता है,
हर मन में शिक्षा का दीप जलाता है।
न कोई भेद, न कोई दीवार रखता है,
हर शिष्य को आगे बढ़ने का अधिकार देता है।
उसकी मेहनत से भविष्य सँवरता है,
उसके ज्ञान से समाज निखरता है।
शिक्षक केवल पाठ नहीं पढ़ाता,
वह जीवन जीने की कला सिखाता है।
जहाँ-जहाँ अज्ञान का अंधेरा छाया है,
वहाँ-वहाँ शिक्षक ने ज्ञान का दीप जलाया है।
सलाम उस गुरु को, जो हर पल समर्पित रहता है,
अपने शिष्यों की सफलता में ही
अपनी सच्ची खुशी पाता है।
शिक्षक ही वह प्रकाश है,
जो पीढ़ियों तक उजाला फैलाता है।
रिन्जु कुमारी
प्राथमिक विद्यालय पासवान टोला किरकिचिया
फारबिसगंज
अररिया, बिहार

