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हर दिन, हर घड़ी – रिंजु कुमारी

Rinju Singh

Rinju Singh

हर दिन, हर घड़ी – रिंजु कुमारी

हर दिन, हर घड़ी समस्याओं से घिरे रहते हैं,
कभी दर्द, कभी उलझनों से लड़ते रहते हैं।
पर सुबह की नई किरण एक उम्मीद जगाती है,
बीते कल के दर्द भुलाकर, नई राह दिखाती है।
हर दिन एक-सा नहीं होता, बस सकारात्मक रहिए,
उम्मीद का दामन थामकर, हर सुबह मुस्कुराते रहिए।

रिंजु कुमारी
फॉर्बेसगंज अररिया
बिहार

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