माता की भक्ति – भवानंद सिंह
मेरी माॅं भवानी माॅं
कीजिए हमपर एक उपकार,
मेरी माॅं भवानी माॅं
मैं हूॅं अज्ञानी माता
करूॅं मैं तेरी पुकार हे माता,
मेरी माॅं भवानी माॅं -2
आया हूॅं तेरे दर पे
लेकर एक विश्वास,
मेरी भक्ति करो स्वीकार हे माता
भक्ति करो स्वीकार,
मेरे मन में जगा दे आस हे माता
मन में जगा दे आस,
मेरी माॅं भवानी माॅं -2
एक सहारा तेरा है माता
बाॅकी सब बेकार,
मेरी माॅं भवानी माॅं -2
तेरी शरण में आया हूॅं माता
कर दो बेड़ापार हे माता
कर दो बेड़ापार ।
मेरी माॅं भवानी माॅं -2
दीन दुखियों का तू है सहारा
एक तेरा ही है आसरा,
मेरी माॅं भवानी माॅं -2
जीवन है मझधार में माता
कर दो नैया पार हे माता
कर दो नैया पार।
मेरी माॅं भवानी माॅं -2
तेरी भक्ति से तर गए सारे
हमें भी तार दो जगदम्बे,
मेरी माॅं भवानी माॅं -2
सुनलो विनती हे माॅं भगवती
तेरे दरबार में करता हूॅं अर्जी,
मेरी माॅं भवानी माॅं -2
हे माॅं मेरी माॅं -3
शैरावाली मैया की जय।
भवानंद सिंह
(शिक्षक)
मध्य विद्यालय मधुलता
रानीगंज, अररिया

