मित्रता है प्रकृति की अनमोल उपहार,
पूरे जग ने भी किया है इसे स्वीकार ।
है यह सब रिश्तों से अजब – निराली,
देता मिसाल यह दुनिया सारी ।
खुशहाल है वह जिसे मिला सच्चा मित्र ,
मानों ईश्वर का वरदान रूपी उसका चित्र ।
धूप में जो साए की तरह साथ निभाए,
दुःखी चेहरे पर मीठी सी मुस्कान वह लाए ।
हर ग़म को वह कर देता है दूर,
मन मिलता है एक अनोखा सा सुरूर ।
सच्ची मित्रता की जग में कई उदाहरण ,
अपना फर्ज निभाने को करते हैं सभी जतन ।
आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार
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