मेरे घर की रौशनी है बेटी, खिलती हुई कमल है बेटी। घर आंगन में शोर मचाती, चहचहाती कोयल है बेटी।[...]
Category: प्रेम
दादा-दादी दिवस – उमेश कुमार सिन्हा दादा-दादी दिवस – उमेश कुमार सिन्हा
दादा-दादी की बचपन की बातें खूब मुझे याद आती हैं, गाँव में जाकर उनके संग खुशियाँ खूब मनाती हैं। जब[...]
दोस्ती-राम किशोर पाठक दोस्ती-राम किशोर पाठक
रिश्तों में है एक निराला, दोस्त हमारा। संग हमेशा जिसका मुझको, लगता प्यारा।। जिससे करते हम अपनी है, बातें सारी।[...]
प्रेम – एस.के.पूनमप्रेम – एस.के.पूनम
ऊँ कृष्णाय नमः विधाता छंद विषय:-प्रेम – एस.के.पूनम करें हम प्रेम जीवन में, सुखद परिणाम हम पायें। मिटा कर[...]
राज को न खोलिए..रामकिशोर पाठकराज को न खोलिए..रामकिशोर पाठक
राज को न खोलिए २१२-१२१-२ राज को न खोलिए।और से न बोलिए।। प्रीति नैन में बसी।आप खास हो लिए।। शब्द-शब्द[...]
फिर क्यों करती है माँ हल्ला-राम किशोर पाठकफिर क्यों करती है माँ हल्ला-राम किशोर पाठक
कहती अम्मा मुझको लल्ला। फिर क्यों करती है माँ हल्ला।। कान्हा थें कितना ही नटखट। माखन मिसरी खाते चटपट।। घूमा[...]
अधूरे प्रेम कहानी की किताब – चित्तेश्वर झाअधूरे प्रेम कहानी की किताब – चित्तेश्वर झा
अधूरे प्रेम कहानी की किताब : हम वो किताब हैं जिसके आखिरी पन्नों पर दिल दस्तक देती है और मांगती[...]
करवा चौथ -स्नेहलता द्विवेदीकरवा चौथ -स्नेहलता द्विवेदी
पिय मन भायो मैं तो सखी बस प्रेम पुजारन, पिय के हिय में रहूँ सिया बन। मैं भोली हूँ प्यार[...]
भावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वराभावुक हूं मैं.. डॉ स्वराक्षी स्वरा
हां,मैं भावुक ही तो हूंतभी तो सह नहीं पातीहल्की सी भी चोट,फिर चाहे वो शरीर पर हो या कि लगे[...]
लिखी हूं प्रेम पाती प्रिय- एस के पूनमलिखी हूं प्रेम पाती प्रिय- एस के पूनम
विधाता छंद। विधान-1222*4(लिखी हूँ प्रेम पाती प्रिय)(1)गगन हो या धरा पर हो,तुम्हें सत्कार जन-जन में। तुम्हीं को देख जीती हूँ,प्रणय[...]
