Site icon पद्यपंकज

नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा-राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

सर्व श्रेष्ठ वह भक्ति लहेगा।

नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा।

शौर्य बोध अब गौन नहीं हो।

वीर-धीर तुम मौन नहीं हो।।

शत्रु शोध पर, कौन? नहीं हो।

राष्ट्र-भक्ति कद बौन नहीं हो।।

प्राण हान कर शीश ढहेगा।

नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा।।०१।।

मातृभूमि पर जान लुटाएँ।

भेद-भाव सब शीघ्र भुलाएँ।।

नींद त्याग कर शस्त्र उठाएँ।

देश-द्रोह जड़ मूल मिटाएँ।।

घात-घात प्रतिघात कहेगा।

नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा।।०२।।

प्रेम-भाव पथ दिव्य हमारा।

दीन-हीन सह सौम्य सहारा।।

देवलोक तक छोड़ किनारा।

देश-प्रेम हिय आज पुकारा।।

दुष्ट-दृष्टि भय-मुक्त रहेगा?

नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क- ९८३५२३२९७८

0 Likes
Spread the love
Exit mobile version