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संबंध – राम किशोर पाठक 

Ram Kishore Pathak

Ram Kishore Pathak

सुंदर सा संबंध, जहाँ बन जाए।

जीवन का सुख सार, वही हम पाए।।

हर रिश्तों के संग, रहे समरसता।

सुरभित सारे अंग, गहे चंचलता।।

संग सभी के प्यार, रखे कोमलता।

आए कोई दौर, रहे निश्छलता।।

सब हो ऊर्जावान, सभी हर्षाए।

सुंदर सा संबंध, जहाँ बन जाए।।०१।।

संबंधों में प्रेम, जरूरी होता।

उर में भी विश्वास, वही है होता।।

संशय दुविधा संग, सभी हैं रोते।

पड़ जाती है गाँठ, सहज सब खोते।।

रखिए मन में नेह, बिना घबराए।

सुंदर सा संबंध, जहाँ बन जाए।।०२।।

प्रेम जहाँ आधार, मिलेगे मोहन।

रखकर सद्व्यवहार, बनेंगे सोहन।।

फिर आए आनंद, लगे सब न्यारा।

मिलें सच्चिदानंद, बनें हम प्यारा।।

हरि कीर्तन के संग, सदा मुस्काए।

सुंदर सा संबंध, जहाँ बन जाए।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक 

प्रधान शिक्षक 

सियारामपुर, पालीगंज, पटना, बिहार।

संपर्क -९८३५२३२९७८

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