“शिक्षक ही तो है” – मो॰ साबिक
शिक्षक ही तो है।
माता-पिता के साथ उसे ही जानता।
जो सही बोलना और लिखना सीखाता।
घर के बाहर की दुनिया से भेंट कराता।
चीजों को पहचानना सीखाता।
अक्षरों को बताना सीखाता।
शिक्षक ही तो है।
अक्षर, जो बिखरे पड़े थे उन्हें पहचानना सिखाया।
फिर उनको शब्दों में पिरोना सिखाया।
उन शब्दों से वाक्य बनाता।
वाक्य बनाकर कलम की ताकत दिखाता।
शिक्षक ही तो है।
जब हम थोड़े बड़े होते।
उठना -बैठना,पहचानना सीखाता।
सत्य -असत्य की बात बताता।
सही और गलत में भेद सीखाता।
शिक्षा को सरल बनाता।
विद्या से परिचय कराता।
शिक्षक ही तो है।
रटने की बजाए सोचने पर बल देता।
गणित को जीवन में उतारने को कहता।
साइंस को समझने को कहता।
खगोलीय दुनिया की सैर कराता।
बीती बातों को समझाता।
महापुरुषों के दर्शन कराता।
साहित्य से जीवन में सूर मिलाने को कहता।
शिक्षक ही तो है।
अनुशासन का पाठ पढ़ाता।
नैतिक मूल्यों से राष्ट्रीयता की भावना जगाता।
राष्ट्र के प्रति आदर-सम्मान सीखाता।
महापुरुषों के योगदान बताकर, राष्ट्रीय मूल्यों को जनाता।
पारिवारिक कर्तव्यों से अवगत कराता। सामाजिक अर्थ को समझाता
शिक्षक ही तो है।
जिज्ञासा को जगा कर, छिपे गुणों को बाहर लाता।
नए-नए तरीकों से ज्ञान के सागर में डुबकी लगाता।
सोचने पर मजबूर करता।
नवाचार को आगे बढ़ाता।
शिक्षक ही तो है।
शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खेल सिखाता।
योग से तन-मन को स्वस्थ कराता।
ऊंचाइयों को छूने की लालसा जगाता।
इसमें भी करियर है, यह बतलाता।
खेल-खेल में चीजों को सीखाता।
जीवन के रहस्यों को आसानी से सुलझाता।
शिक्षक ही तो है।
अपने जीवन के रंगों को त्याग कर,
हम में रंग है भरता।
स्वार्थ त्याग कर, सामर्थ्य बनाता।
साधारण से असाधारण बनाता।
मनुष्य को मनुष्य से मिलाता।
जीवन को जीने की कला बताता।
हमको एक अच्छा इंसा बनाता।
मो॰ साबिक
विशिष्ट शिक्षक
पीएम श्री उच्च विद्यालय मोखलिसपुर
प्रखंड बंजरिया
जिला पूर्वी चंपारण
मोबाइल 7488557398

